हमीरपुर। डॉ. सौरोवी दत्ता को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना (SPARC) के तहत ₹1.5 करोड़ का प्रतिष्ठित अनुसंधान अनुदान मिला है। वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) हमीरपुर के वास्तुकला विभाग की सहायक प्राध्यापक हैं। चंडीगढ़ की सरकारी आवासीय इमारतों में ऊर्जा दक्षता एवं तापीय आराम के लिए डीकॉलोनियल एवं सिमुलेशन-आधारित रेट्रोफिटिंग रणनीतियां” शीर्षक वाला यह शोध प्रोजेक्ट चंडीगढ़ की मौजूदा सरकारी आवासीय इमारतों की ऊर्जा दक्षता और जलवायु अनुकूलन क्षमता का अध्ययन करेगा।
इस परियोजना में उन्नत कंप्यूटर-आधारित सिमुलेशन टूल्स के माध्यम से प्राकृतिक प्रकाश, तापीय विश्लेषण तथा इनडोर वायु गुणवत्ता का आकलन कर जलवायु-संवेदी एवं ऊर्जा-कुशल रेट्रोफिटिंग समाधान प्रस्तावित किए जाएंगे। इसमें डॉ. नंद कुमार (एमएनआईटी जयपुर), डॉ. फ़ैज़ अहमद सी (एसपीए विजयवाड़ा) तथा यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, यूके के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का सहयोग शामिल हैं, जो राष्ट्रीय एवं वैश्विक अकादमिक सहयोग को दर्शाता है।
निदेशक एनआईटी हमीरपुर प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की सतत विकास एवं उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं कुलसचिव एनआईटी हमीरपुर डॉ. अर्चना संतोष नानोटी ने इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि इससे एनआईटी हमीरपुर की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी।
दो वर्ष की यह परियोजना जी-20 के तहत भारत की स्थिरता, हरित परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग की प्राथमिकताओं के अनुरूप है और शहरी आवास के लिए ऊर्जा कुशल समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

