एएम नाथ। चंबा
ग्रामीण विकास विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
यह बात उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न उपमंडलों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्त निर्मित राखियों के जिला मुख्यालय में आयोजित मेले के शुभारंभ के बाद कही। मेले के दौरान जिला स्तरीय राखी थाली प्रतियोगिता का भी करवाई गई।

उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाई गई राखियों का अवलोकन भी किया। प्रतियोगिता में 6 विकास खंडों के 18 स्वंय सहायता समूहों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए इस प्रकार के मेलों का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर स्वयं सहायता समूहों को पारंपरिक हस्त कलाओं को उजागर करने के लिए प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिला द्वारा हाथों से निर्मित की गई राखियों की बिक्री जिला के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त इन राखियों की बिक्री हिम ईरा दुकानों, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस के बाहर भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर भी स्वंय सहायता समूहों द्वारा हाथों से निर्मित राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। उपायुक्त में प्रतियोगिता के विजेता रहे समूहों को नकद इनाम भी वितरित किए।

प्रथम स्थान पर रहे विकास खंड चंबा के आस्था स्वयं सहायता समूह को 2100, द्वितीय स्थान पर रहे विकास खंड चंबा के धनेश्वरी स्वयं सहायता समूह को 1500 और तृतीय स्थान पर रहे विकास खंड मैहला के सरस्वती स्वयं सहायता समूह को 1000 रुपये बतौर इनाम दिए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्वयं सहायता समूहों को 800 प्रोत्साहन राशि भी दी गई। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ओपी ठाकुर, परियोजना अर्थशास्त्री विनोद कुमार, एनआरएलएम को-ऑर्डिनेटर मनजीत कौर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।