शिमला। नगर निकाय अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में विधायक (MLA) वोट (Vote) नहीं डाल पाएंगे। राज्य (State) सरकार (Government) के फैसले पर हाईकोर्ट (High Court) ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन चुनावों में विधायक मतदान नहीं कर सकेंगे।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायकों को वोट देने का अधिकार दिए जाने संबंधी प्रावधान पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले में सरकार से जवाब मांगा है। इस आदेश के बाद आगामी चुनावों में केवल निर्वाचित पार्षद ही मतदान कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में संबंधित क्षेत्र के विधायक को भी मतदान का अधिकार देने का निर्णय लिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि यह व्यवस्था स्थानीय निकायों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है।

हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से प्रदेश सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। साथ ही नगर निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के समीकरण भी बदल सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई तक विधायकों के मतदान अधिकार पर रोक जारी रहेगी।

राजनीतिक दृष्टि से इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

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