कांगड़ा जिले के शाहपुर के चंमडेरा गांव में सास (Mother in law) -ससुर (Father in law) ने अपनी विधवा (Widow) बहू (Daughter in law) पुनर्विवाह करवाया है। उन्होंने बेटी की तरह बहू का कन्यादान किया। वहीं देवरों ने भाई (Brother) बनकर विदाई की। दरअसल बहू रंजना के पति की डेढ़ साल पहले सड़क हादसे (Accident) में मौत हो गई थी।

इसके बाद सास-ससुर ने अपनी बहू का पुनर्विवाह का निर्णय लिया। इस तरह उन्होंने समाज को सकारात्मक संदेश दिया। पति के इस आकस्मिक निधन से उनकी पत्नी रंजना के जीवन में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और उनका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो गया था। इस बेहद कठिन और भावुक दौर में रंजना के ससुर ईश्वर दास और सास विमला देवी ने अपनी बहू का साथ नहीं छोड़ा।

उन्होंने रंजना को अपनी सगी बेटी की तरह घर में रखा और उसके आने वाले कल को सुरक्षित एवं खुशहाल बनाने का अटूट संकल्प लिया। दोनों ने मिलकर रंजना के पुनर्विवाह की सभी व्यवस्थाएं खुद कीं। दो दिन पूर्व एक स्थानीय मंदिर में रंजना का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ।

रंजना के देवरों, इंद्र कुमार और सुरेंद्र पाल ने अपनी भाभी को बहन का मान देते हुए उनके नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए घरेलू उपहार और आवश्यक सामान भेंट स्वरूप प्रदान किया। शादी की रस्में पूरी होने के बाद जब रंजना को डोली में बिठाया गया तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। लोग ससुराल पक्ष के इस कदम की काफी तारीफ कर रहे हैं।

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