शिमला। अब ₹ 3500 में 30 मिनट में मंडी (Mandi) से चंडीगढ़ (Chandigarh) पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (Cm Sukhu) ने अपने आधिकारिक आवास ‘ओकओवर’ से मंडी-चंडीगढ़ व कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच रोज चलने वाली हेलिकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया।

केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत मंडी-चंडीगढ़ हेलिकॉप्टर सेवा संचालित की जाएगी। वहीं गैर आरसीएस (बाजार आधारित) मॉडल के तहत कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के लिए हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इस सेवा का संचालन किया जाएगा।

कुल्लू से हेलिकॉप्टर की उड़ान प्रातः 9.00 बजे संचालित होगी और 9.10 पर मंडी पहुंचेगी। इसके बाद मंडी से 9.15 पर रवाना होकर हेलिकॉप्टर 9.45 पर चंडीगढ़ पहुंचेगा। वापसी की उड़ान चंडीगढ़ से सुबह 10.00 बजे होगी व 10.30 पर हेलिकॉप्टर मंडी पहुंचेगा व मंडी से 10.35 बजे प्रस्थान कर 10.45 बजे कुल्लू पहुंचेगा।

ये सेवाएं नव निर्मित कांगनीधार (मंडी) हेलिपोर्ट से संचालित होंगी। आरसीएस-उड़ान योजना के तहत मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए किराया 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए किराया 8,500 रुपये तय किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं और आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित कांगनीधार हेलिपोर्ट हवाई सेवाओं के महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
मंडी और कुल्लू जिलों के लोगों को हेलिकॉप्टर सेवाओं के शुभारंभ पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि इन हेलिकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत के साथ हवाई संपर्क के क्षेत्र में एक और महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। इन सेवाओं से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, आपातकालीन सेवाओं की क्षमता मजबूत होगी एवं स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।

राज्य सरकार हेलिपोर्ट के विकास, क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार तथा भारत सरकार एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विमानन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्यटन को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की पहल को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी हेलिपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले के जसकोट, कांगड़ा जिले के रक्कड़ और पालमपुर और चंबा के हेलिपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। इन हेलिपोर्ट के बनने से उच्च श्रेणी के पर्यटकों का प्रदेश में आगमन बढ़ेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि ऊना में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए राज्य सरकार ने धनराशि का प्रावधान किया है। नाहन और सोलन में भी हेलिपोर्ट बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति जिले के रंगरीक में सेना के सहयोग से एक हेलिपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस दौरान नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, महापौर सुरेंद्र चौहान तथा पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया शिमला में मौजूद रहे। उधर, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, हिमाचल प्रदेश राज्य जल प्रबंधन बोर्ड की उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन व पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार वर्चुअल माध्यम से मंडी से कार्यक्रम में शामिल हुए।

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