सोलन। साइबर ठगों ने नालागढ़ (Nalagarh) के एक दंपति को आतंकवाद केस (Case) में फंसाने का डर दिखाकर दो दिन तक कथित डिजिटल अरेस्ट में रखकर ₹ 72.10 लाख ठग लिए। ठगों का खौफ ऐसा था कि बैंक (Bank) प्रबंधक (Manager) ने करीब आधे घंटे तक एफडी (FD) तुड़वाने से रोका, लेकिन दंपति ने असली बात छिपाकर संपत्ति खरीदने का बहाना बनाया और रकम ठगों के बताए खाते में डाल दी।
जानकारी के अनुसार पति-पत्नी दोनों उच्च पदों से सेवानिवृत्त हैं। पांच सितंबर को कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए (NIA) चीफ प्रकाश अग्रवाल बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड से केनरा बैंक में खोला गया एक खाता आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है और वे एटीएस (ATS) के रडार पर हैं। इससे घबराए दंपति को शातिरों ने किसी से भी बात न करने की हिदायत दी और लगातार संपर्क में रहकर बैंक खातों, आधार व पैन कार्ड सहित कई जानकारियां हासिल कर लीं।
दो दिन तक दबाव में रखने के बाद ठगों ने कथित सुरक्षा राशि के नाम पर ₹ 72.10 लाख जमा करवाने को कहा। दंपति पंजाब नेशनल बैंक (PNB) नालागढ़ पहुंचा और एफडी तुड़वाने लगा। बैंक प्रबंधक सौरभ मोक्टा को संदेह होने पर करीब आधे घंटे तक दोनों को साइबर ठगी की आशंका बताते हुए रकम ट्रांसफर न करने के लिए समझाया। मगर दंपति नहीं माना।
मामला तब सामने आया, जब ठगों को भेजा जाने वाला एक पत्र गलती से नालागढ़ के पेंशनरों के समूह में पहुंच गया। पत्र देखकर बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक दंपति के घर पहुंचे। काफी समझाने पर उन्होंने पूरी घटना बताई।
बैंक को सूचना दी गई, लेकिन तब तक रकम आगे ट्रांसफर हो चुकी थी। एसपी बद्दी विनोद धीमान ने कहा है कि शिकायतकर्ता उनसे मिले थे और मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने इस संबंध में साइबर सैल शिमला में शिकायत दर्ज करवा दी है।

