धर्मशाला। मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के चीनी नागरिक को घर में ठहराने वाले के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। यहां मकान मालिक को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ा है। यह केस (Case) विदेशी नागरिक अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।
जांच में सामने आया है कि मैक्लोडगंज के एक परिवार ने चीनी नागरिक (Chinies Citizen) एवं पूर्व चीनी पुलिस (Police) कर्मी लौ वेननियन को करीब 130 दिनों तक अपने घर में पनाह दी थी। नियमों के तहत किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने पर मकान मालिक को स्थानीय पुलिस को सूचना देना और सी-फॉर्म के जरिए विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरओ) में पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है, लेकिन इस केस में दोनों ही प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
पुलिस के अनुसार न तो स्थानीय थाने को विदेशी नागरिक के ठहरने की जानकारी दी गई और न ही एफआरओ को कोई विवरण भेजा गया। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। चीनी नागरिक को दो फरवरी को मैक्लोडगंज से बिना वैध दस्तावेजों के गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल 19 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। निर्वासित तिब्बत सरकार का सुरक्षा विभाग भी इस संदिग्ध प्रवास की अलग से जांच कर रहा है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और लैपटॉप फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। शुरुआती रिपोर्ट में फिलहाल कोई संदिग्ध सामग्री सामने नहीं आई है। हालांकि यह जांच का विषय है कि वह करीब चार माह से धर्मशाला में किन गतिविधियों में शामिल रहा है।

