सोलन। कसौली हत्याकांड में गला दबाकर सुमन की हत्या (Murder) की गई थी। वारदात के दो और आरोपी गिरफ्तार (Arrest) किए गए हैं। मौत (Death) के बाद मृतका के शरीर पर किए तेजधार हथियार से वार किए गए थे।
इस मामले में संलिप्त एक आरोपी चतर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसका पुलिस (Police) रिमांड लेकर मामले में गहनता से पूछताछ की गई। आरोपी से पुछ्ताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस थाना कसौली की टीम ने इस अभियोग की आगे की जांच पूरी गंभीरता, संजीदगी एवं वैज्ञानिक तकनीक से आगे बढ़ाई।
2 फरवरी को मृतका के शव का IGMC शिमला से पोस्टमार्टम करवाया गया था। वहां विशेषज्ञ चिकित्सक ने यह स्पष्ट किया गया कि मृतका की हत्या पहले गला दबाकर की गई थी। इसके बाद गले व शरीर पर तेजधार हथियार से कई बार वार किए गए थे। मृतका सुमन एवं चतर सिंह का विवाह 23 नवंबर, 2025 को हुआ था। चतर सिंह और मृतका के बीच प्रतिदिन विवाद होता रहता था।
इसी दौरान सुमन करीब 15 दिनों के लिए अपने मायके चली गई थी, जिस कारण चतर सिंह उससे नाराज था। 31 जनवरी, 2026 को भी इसी विषय को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। चतर सिंह अपना आपा खो बैठा और गुस्से में आकर दोनों हाथों से सुमन का गला दबा दिया। कुछ देर बाद सुमन बेहोश होकर नीचे गिर गई और काफी देर तक ऊपर नहीं उठी, जब आरोपी चतर सिंह ने उसे चेक किया तो सुमन की मृत्यु हो गई थी।
सुमन की इस तरह हुई मौत से घबराकर उसने स्वयं को बचाने के लिए अपने भाई नरेंद्र सिंह व भतीजी निकिता के साथ मिलकर षड्यंत्रकारी योजना बनाई। चतर सिंह ने कैंची से सुमन के गले पर वार किए और खुद को भी माथे, गले आदि पर चाकू से खरोंचे लगा दी। अपनी भतीजी निकिता के गाल पर भी इसी ने चाकू से कट मारा। उसके बाद इन्होंने सुमन के मायके वालों को फोन करके बताया कि सुमन ने इन पर चाकू से हमला कर अपने आप को उसने मेन दरवाजे में अंदर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया है।
इस पर सुमन के पापा ने फोन पर इन्हें कहा कि दरवाजा तोड़ दो और उसे बचा लो। इसके बाद इन्होंने कमरे के दरवाजे को तोड़े जाने का झूठा ढोंग रचा, ताकि इन पर किसी को भी कोई शक न हो। पुलिस ने तोड़ा गया दरवाजा, कुंडा, पेंच व वारदात में प्रयुक्त हथियार चाकू/छुरी, कैंची आदि को कब्जे में लिया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दरवाजा में कोई भी संघर्ष/तोड़ने के कोई भी निशान न पाए गए। तीनों आरोपियों ने झूठी कहानी बनाई कि सुमन ने अपना गला काट कर आत्महत्या की है।
जांच के दौरान पाया गया इन तीनों ने मिलकर षड्यंत्र के तहत उसकी हत्या की है और फिर सबूतों को मिटाने की कोशिश की। इसके अतिरिक्त जांच के दौरान 1 फरवरी को आरोपी चतर सिंह व निकिता का चिकित्सीय परीक्षण करवाया गया था। इसमें चिकित्सा अधिकारी ने अपनी राय में आरोपियों द्वारा सेल्फ का उल्लेख किया।
आरोपी की पूछताछ व वैज्ञानिक तकनीक/पद्धति के आधार पर की गई जांच के आधार पर 5 फरवरी को पुलिस थाना कसौली की टीम ने मामले में संलिप्त दो आरोपी नरेंद्र सिंह (45) निवासी गांव सनौगी डाकघर मलेरा तहसील कसौली जिला सोलन और निकिता (19) को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

