शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट (High Court) ने पूर्व मुख्यमंत्री (CM) जयराम ठाकुर के खिलाफ दायर किडनैपिंग और मारपीट के आरोप की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम और उनके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को गंभीरता से लिया। हाईकोर्ट ने इस केस (Case) में राज्य सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
यह केस 17 अगस्त, 2023 की घटना से जुड़ा है। उस दिन भारी बारिश और भू-स्खलन से नम्होल क्षेत्र में लंबा ट्रैफिक जाम लगा था। इस दौरान एचआरटीसी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी शंकर सिंह अपने मोबाइल फोन से जाम का वीडियो बना रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी भी इस जाम में फंसी थी। शंकर सिंह उनकी गाड़ी के पास पहुंचे तो वीडियो बनाने को लेकर विवाद हो गया।
याचिकाकर्ता के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुरक्षा उनके कर्मियों ने उन्हें (शंकर सिंह) जबरन गाड़ी में बैठा लिया। बाद में चलती गाड़ी में उनके साथ मारपीट की गई। शंकर सिंह का आरोप है कि उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस केस में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री, उनके ड्राइवर, निजी सचिव और कुछ पुलिस कर्मियों पर आपराधिक साजिश और जबरन हमला करने जैसे आरोप लगाए हैं। शंकर सिंह का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी और बरमाणा थाने में शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की, मगर उनकी सुनवाई नहीं हुई।
इस विपरीत आरोपियों की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ ही मामला बना दिया गया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी न्याय की मांग की। वहां भी उनकी बात नहीं गई। फिर शिकायतकर्ता ने बिलासपुर की जिला अदालत का रुख किया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने केस को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया।

