मां (Mother) नयना देवी के दरबार में होशियारपुर (Panjab) के जैजों दोआबा निवासी एक श्रद्धालु परिवार (Family) ने अपनी मन्नत पूरी की। परिवार का दावा है कि उनके मासूम बच्चे (Child) की अचानक चली गई आंखों की रोशनी मां नयना देवी से की गई अरदास के कुछ दिनों बाद वापस लौट आई।
परिवार के अनुसार बच्चे की आंखों (Eyes) की रोशनी (Light) अचानक चली गई थी। माता-पिता (Mother-Father) ने पंजाब के कई अस्पतालों और डॉक्टरों (Doctors) से इलाज करवाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद बच्चे की मां ने मां नयना देवी के चरणों में अरदास कर मन्नत मांगी कि यदि उनके बच्चे की आंखों की रोशनी वापस आ जाती है तो वह पूरे परिवार के साथ दरबार पहुंचकर चांदी के नेत्र अर्पित करेंगी।
परिवार का कहना है कि मन्नत मांगने के कुछ दिनों बाद बच्चे की आंखों की रोशनी वापस आ गई। इसके बाद परिवार श्री नयना देवी मंदिर पहुंचा और माता के दर्शन कर अपनी मन्नत पूरी करते हुए चांदी के नेत्र अर्पित किए। पौराणिक मान्यता के अनुसार श्री नयना देवी शक्तिपीठ में माता सती के नयन गिरे थे। इस वजह से श्रद्धालुओं की इस शक्तिपीठ के प्रति गहरी आस्था है।

